महाराष्ट्र में शिवसेना की ये चाल क्या भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ा करेगी?

Medhaj News 1 Nov 19 , 06:01:39 Sports Viewed : 60 Times
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भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिवसेना (Shiv Sena) के बीच चल रहे सियासी घमासान के बीच कांग्रेस (Congress) खुद के लिए एक मौका भांप रही है, लेकिन कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) गठबंधन शिवसेना से समर्थन के मुद्दे पर अभी अपने पत्ते नहीं खोल रहा है | पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण व पृथ्वीराज चव्हाण ने गुरुवार को एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार (Sharad Pawar) से मुलाकात की | जिसने सियासी गर्मी को बढ़ा दिया | गुरुवार को शिवसेना के विधायक दल की बैठक भी हुई, जिसके बाद से ही राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदलता जा रहा है और सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या शिवसेना भाजपा का साथ छोड़ किसी अन्य विकल्प पर विचार कर सकती है | गुरुवार को जब शिवसेना विधायक की बैठक हुई तो उम्मीद थी कि राज्य में गतिरोध खत्म होगा, लेकिन बैठक के बाद संजय राउत जब शरद पवार से मिलने पहुंचे तो हलचल मच गई | हालांकि, संजय राउत ने कहा कि ये सिर्फ दिवाली की बधाई वाली मुलाकात थी, हालांकि इसमें महाराष्ट्र के राजनीतिक हालात पर भी चर्चा हुई |





संजय राउत के साथ मुलाकात के बाद शरद पवार के आवास पर NCP नेताओं की बैठक हुई, जिसमें सुप्रिया सुले, धनंजय मुंडे और अजीत पवार शामिल रहे | हालांकि, इस बैठक के बाद पार्टी की ओर से बयान दिया गया कि हमें विपक्ष में बैठने के लिए जनादेश मिला है, ऐसे में शिवसेना के प्रस्ताव पर सोचने का विचार नहीं है | राज्य में कांग्रेस 2014 से सत्ता से बाहर है | पार्टी के एक धड़े का विचार है कि पार्टी को शिवसेना को बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा करनी चाहिए | लेकिन, पार्टी जल्दबाजी में नहीं है और बीजेपी-शिवसेना के बीच फैसले का इंतजार कर रही है | एक नेता ने कहा कि कांग्रेस, एनसीपी की रणनीति से भी सावधान है | एनसीपी ने 2014 में बीजेपी सरकार को तब तक बाहर से समर्थन दे दिया था, जब तक कि शिवसेना गठबंधन में शामिल नहीं हुई थी | गुरुवार सुबह शिवसेना विधायक दल की बैठक में एकनाथ शिंदे को विधानसभा में विधायक दल का नेता चुना गया | हालांकि, इस बैठक में भाजपा के साथ सरकार गठन पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है | बैठक के वक्त पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपने विधायकों को कहा कि अभी भाजपा के साथ सरकार गठन पर बात नहीं हुई है, लेकिन हम वही चाहते हैं जो वादा हमसे हुआ है उससे कम कुछ भी नहीं चाहिए | शिवसेना की बैठक से पहले सूत्रों के हवाले से खबर सामने आई थी कि भारतीय जनता पार्टी शिवसेना को कैबिनेट में कुल 13 मंत्रालय देने पर विचार कर सकती है | हालांकि, भाजपा शिवसेना को वित्त मंत्रालय नहीं देना चाहती है लेकिन PWD मंत्रालय देने पर सहमति हो सकती है | साथ ही अगर बातचीत आगे बढ़ती है तो भाजपा की ओर से उपमुख्यमंत्री पद देने पर भी विचार किया जा सकता है |


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