बीसीसीआई ने चाइनीज कंपनी से करार नहीं तोड़ा तो विरोध करेंगे- अश्विनी महाजन

Medhajnews 4 Aug 20 , 13:19:13 Sports Viewed : 1106 Times
908338_901926_884997_twitter_7.jpg

नई दिल्ली: देश में बढ़ते कोरोना मामले के बीच लगता है कि आईपीएल को लेकर भी बहस छिड़ेगी। कोरोनावायरस के कारण इस बार इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) यूएई में 19 सितंबर से 10 नवंबर तक होने जा रहा है। टूर्नामेंट की मंजूरी के साथ ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने चीन की मोबाइल कंपनी वीवो से टाइटल स्पॉन्सरशिप को भी जारी रखा है। इस कारण राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) समेत कई संगठन आईपीएल का बायकॉट करने की बात कर रहे हैं।



संघ से जुड़े संगठन स्वदेशी जागरण मंच ने कहा कि एक तरफ भारतीय सैनिक सीमा पर चीन से लड़ रहे हैं। देश के लिए अपनी जान की बाजी लगा रहे हैं। हम अपने सैनिकों का समर्थन करते हुए चाइनीज कंपनियों और उनके सामान का बायकॉट कर रहे हैं। ऐसे में बीसीसीआई ने अपना करार जारी रखते हुए भारतीय सैनिकों का अपमान किया है। यदि यह करार नहीं तोड़ा गया तो हम आईपीएल का बायकॉट करेंगे।



स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह-संयोजक अश्विनी महाजन ने कहा, ‘‘जब से गलवान घाटी में हमारे 20 जवान शहीद हुए हैं, तब से देशभर में चीन और उनकी कंपनियों के खिलाफ विरोध चल रहा है। ऐसे में आईपीएल के ऑर्गनाइजर्स ने चीनी कंपनी को स्पॉन्सर बना दिया। यह दिखाता है कि उनकी भावनाएं सही नहीं हैं। यदि जल्द ही करार को खत्म नहीं किया गया, तो हमारे पास आईपीएल का बायकॉट करने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं होगा।’’ महाजन ने कहा, ‘‘हम आईपीएल के ऑर्गनाइजर्स से अपील करते हैं कि वे अपने फैसले पर दोबारा विचार करें। यदि ऐसा नहीं होता है, तो जो देशभक्त चीनी कंपनियों का बहिष्कार कर रहे हैं, उन पर गलत प्रभाव पड़ेगा। याद रखिए कि देश से बढ़कर कुछ भी नहीं है, क्रिकेट भी नहीं।’’



आपको बताते चले कि वीवो आईपीएल की टाइटल स्पॉन्सर है, जो बीसीसीआई को कॉन्ट्रैक्ट के तौर पर हर साल 440 करोड़ रुपए देती है। आईपीएल का कंपनी से 5 साल का करार 2022 में खत्म होगा। देशभर में चीनी कंपनियों के भारी विरोध के बावजूद बीसीसीआई ने अपना करार जारी रखा है। 15 जून की रात गलवान घाटी में भारत और चीनी सैनिकों के बीच हुई खूनी झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद से ही देशभर में चीनी कंपनियों का बायकॉट शुरू हो गया। साथ ही भारत सरकार ने भी चीन के 60 से ज्यादा ऐप्स को बैन कर दिया।


    7
    0

    Comments

    • Boycott

      Commented by :Amit Kumar
      04-08-2020 17:00:34

    • Boycott china

      Commented by :Dhiraj kumar(Sri Ganganagar)
      04-08-2020 14:53:21

    • Boycott China............

      Commented by :Deependra Yadav
      04-08-2020 13:53:28

    • Boycott

      Commented by :Brijesh Patel
      04-08-2020 13:25:16

    • Load More

    Leave a comment



    Similar Post You May Like

    Trends

    Special Story