संचारी रोगों के नियंत्रण में प्रदेश सरकार के प्रयासों को अभूतपूर्व सफलता मिली है : मंत्री ब्रजेश पाठक

प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा है कि प्रदेश सरकार द्वारा संचारी रोगों की रोकथाम के लिए किये गये प्रयासों के बहुत ही सार्थक परिणाम आये हैं।

उन्होंने कहा कि वेक्टर जनित व अन्य संक्रामक रोगों के रोकथाम के लिए राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2018 से शुरू किये प्रयासों के बाद दिमागी बुखार के मामलों में 74 प्रतिशत कमी आयी है तथा मृत्युसंख्या में 95 प्रतिशत कमी आयी है। जापानी इन्सेफ्लाइटिस के मामलों में 82 प्रतिशत की कमी तथा इससे होने वाली मृत्यु में 96 प्रतिशत की कमी हुई है।

ब्रजेश पाठक ने कहा कि डेंगू की रोकथाम के लिए जांच की सुविधाओं में वृद्धि तथा रोग सर्विलांस की सक्रियता के परिणामस्वरूप रोगियों की संख्या में वृद्धि होने के बाद भी डेंगू से होने वाली मृत्यु में 82 प्रतिशत की कमी हुई है। इसी तरह मलेरिया के 78 प्रतिशत मामले कम हुए हैं तथा इससे होने वाली मृत्यु संख्या में 96 प्रतिशम कमी आयी है।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के कुछ जनपदों में कालाजार के मामले प्रकाश में आये थे किन्तु सरकार के प्रयासों से विगत 04 वर्षों से कालाजार के उन्मूलन में सफलता प्राप्त हुई है।

पाठक ने कहा कि प्रदेश में वेक्टर जनित व संचारी रोगों की रोकथाम व उन्मूलन हेतु प्रभावी कार्ययोजना बनाकर अन्तर्विभागीय अभियान चलाया जा रहा है। इसमें संचारी रोग नियंत्रण अभियान, दस्तक अभियान आदि प्रमुख है। उन्होंने कहा कि संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान का दूसरा चरण 01 जुलाई, 2023 से शुरू हो रहा है। इसमें राज्य स्तर से लेकर ब्लाक स्तर तक टास्क फोर्स गठित करके जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्य किया जा रहा है।

ब्रजेश पाठक कल केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में संचारी रोगों के रोकथाम हेतु आयोजित सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों की वर्चुअल समीक्षा बैठक में प्रदेश सरकार द्वारा किये गये प्रयासों की जानकारी दे रहे थे। उन्होंने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री को आश्वस्त किया कि संचारी रोगों के नियंत्रण हेतु भारत सरकार के जो भी निर्देश होंगे उनका राज्य सरकार द्वारा पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित कराया जायेगा।

बैठक में राज्यमंत्री चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, मयंकेश्वर शरण सिंह, प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य पार्थ सारथी सेन शर्मा, सचिव रविन्द्र, निदेशक एनएचएम पिंकी जोवेल, महानिदेशक चिकित्सा एवं परिवार कल्याण रेनू श्रीवास्तव सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।

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