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मुख्यमंत्री योगी ने कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

लखनऊ: कार्तिक पूर्णिमा (Kartik Purnima) के अवसर पर शुभकामना संदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा कि भारतीय सांस्कृतिक परम्परा में इस अवसर का विशेष महत्व है। भगवान विष्णु ने इसी दिन मत्स्य अवतार लेकर प्रलय के अंत तक सप्त ऋषियों एवं वेदों की रक्षा की, जिससे पुनः सृष्टि का निर्माण सम्भव हो सका। इसके साथ ही, भगवान शंकर ने इसी दिन त्रिपुरासुर नामक राक्षस का अंत किया। उन्होंने कहा कि यह पर्व मानव मात्र को प्रकृति से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है।
हिन्दू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा स्नान, दीपदान और भगवान की आराधना का विधान है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से समस्त प्रकार से रोग-दोष और पापों से छुटकारा मिलता है। इस बार कार्तिक पूर्णिमा 19 नवंबर, शुक्रवार को है। महत्व पूर्ण बात ये है कि इस दिन चंद्रग्रहण भी लग रहा है। ये ग्रह सुबह 11 बजकर 34 मिनट से शाम 5 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। हालांकि उपछाया चंद्रग्रहण होने के कारण यहां सूतक काल मान्य नहीं है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन वाराणसी में देव दिवाली भी मनाई जाती है। 
कार्तिक पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त
पूर्णिमा तिथि शुरू: 18 नवंबर को सुबह 11 बजकर 55 मिनट से प्रारंभ
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 19 नवंबर को दोपहर 02 बजकर 25 मिनट तक
कार्तिक पूर्णिमा का महत्‍व
कार्तिक पूर्णिमा से मांगलिक कार्य आरंभ हो जाते हैं। कार्तिक पूर्णिमा के दिन तुलसी के समीप और तालाब, सरोवर या गंगा तट पर दीप जलाने से या दीप दान करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होकर सुख समृद्धि का वरदान देती हैं। वहीं विष्णु जी को तुलसी पत्र की माला और गुलाब का फूल चढ़ाने से हर मनोकामना पूरी होती हैं। कार्तिक पूर्णिमा पर दीपदान की परंपरा भी है। मान्‍यता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्‍नान करने से पुण्‍य प्राप्‍त होता है। शुभ और मांगलिक कार्यों की शुरुआत के लिए भी कार्तिक पूर्णिमा का दिन बेहद अच्‍छा माना जाता है।

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