राज्य

सामूहिक सहभागिता से सामाजिक समरसता में वृद्धि होती है: योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सामूहिक विवाह के कार्यक्रम गरीब कल्याण के प्रति केन्द्र व प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को व्यक्त करते हैं। कन्यादान इस संसार में सबसे बड़ा एवं पवित्र दान माना गया है। उन्होंने कहा कि हमारे यहां मान्यता रही है कि गांव की बेटी सबकी बेटी होती है। सामूहिक सहभागिता से सामाजिक समरसता में वृद्धि होती है। कन्यादान कार्यक्रम के माध्यम से लोगों के मान-सम्मान में वृद्धि होती है तथा लोगों को आतिथ्य सत्कार का अवसर भी प्राप्त होता है।

सामूहिक विवाह से बाल विवाह, दहेज प्रथा जैसे कुरीतियो पर कुठाराघात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में समाज में सर्वधर्म-समभाव तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश में “मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना“ संचालित की जा रही है। इसके अन्तर्गत विभिन्न समुदाय एवं धर्मों के गरीब परिवारों की कन्याओं का उनके रीति-रिवाजों के अनुसार वैवाहिक कार्यक्रम सम्पन्न कराया जाता है। प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत अब तक 01 लाख 75 हजार से अधिक गरीब कन्याओं के विवाह सम्पन्न कराए हैं। सामूहिक विवाह के इन कार्यक्रमों द्वारा सामाजिक कुरीतियों जैसे बाल विवाह, दहेज प्रथा पर कुठाराघात किया जा रहा है। साथ ही समाज में व्याप्त रूढ़ीवादी परंपराओं पर सामूहिक विवाह के यह कार्यक्रम अंकुश लगाने में कारगर सिद्ध हुए हैं। पूरा समाज इन कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता देता है। गरीब कन्याओं के विवाह का निमंत्रण देने के लिए हमारे जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी समाज में निकलते हैं। सभी के सहयोग से जब यह सामूहिक विवाह के कार्यक्रम सम्पन्न होते हैं तो गरीब व्यक्ति अपने आप को सक्षम एवं सामथ्र्यवान महसूस करते हैं।

अटल आवासीय विद्यालय से बाल सेवा योजना को जोड़ने की पहल

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि श्रम विभाग के माध्यम से 18 मण्डलों में 18 अटल आवासीय विद्यालय बनाए जा रहे हैं जहां श्रमिकों के बच्चों को निशुल्क शिक्षा, खेल एवं उनकी स्किल डेवलपमेंट का कार्य किया जाएगा। इन विद्यालयों से उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभार्थी बच्चों को भी जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है, जिससे वह उच्च शिक्षा, इंजीनियरिंग, मेडिकल की पढ़ाई कर पा रहे हैं।


Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button