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पथिराना से गेंदबाजी कराने के लिए 4 मिनट तक खेल रोकना खेल भावना के खिलाफ

आईपीएल में फाइनल गुजरात और चेन्नई के बीच खेला जायेगा। पहले क्वालिफायर में चेन्नई ने गुजरात को 15 रन से हराया था। दूसरे क्वालिफायर में गुजरात ने मुंबई को हराया था। अब दोनों टीम 28 मई को फाइनल में आपस में भिड़ेंगी। चेन्नई की टीम पहले क्वालिफायर में अपने कप्तान धोनी की कप्तानी की वजह से जीती थी। इस मैच में धोनी ने डेथ ओवर में कमाल की गेंदबाजी कर रहे माथीषा पथिराना से ओवर कराने के लिए धोनी ने चार मिनट तक अंपायर से बहस की थी। अंपायरों का कहना था कि पथिराना गेंदबाजी के लिए आने से पहले नौ मिनट तक मैदान से बाहर थे। वह जितने समय तक बाहर थे, उतना समय मैदान में बिताने के बाद ही वह गेंदबाजी कर सकते थे। पथिराना 4 मिनट बाद ही गेंदबाजी कर सकते थे। इसको देखते हुए धोनी अगले 4 मिनट तक अंपायर से बात करते रहे। जब 4 मिनट पुरे हो गए तो उन्होंने पाथिराना से ही 16वां ओवर कराया और चेन्नई की टीम ने यह मैच जीतने में सफल रही थी।

चेन्नई वो मैच 15 रन से जीतकर फाइनल में प्रवेश कर गई थी। इस मैच के बाद धोनी की कप्तानी और चतुराई की जमकर तारीफ हुई। लेकिन आईसीसी एलीट पैनल का हिस्सा रहे अंपायर डेरिल हार्पर ने धोनी के द्वारा किये गए इस बर्ताव को खेल भावना के विपरीत करार दिया है। उन्होंने कहा धोनी ने अपने पसंद के गेंदबाज से गेंदबाजी कराने के लिए समय बर्बाद किया। धोनी के पास अन्य विकल्प थे लेकिन उन्होंने उस पर ध्यान नहीं दिया। यह सब देखकर निराशा होती है कि जीतने के लिए कुछ लोग किस हद तक जा सकते हैं।

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