ताडोबा सबसे पुराना और सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान

महाराष्ट्र का सबसे पुराना और सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान ताडोबा है। जो महाराष्ट्र राज्य के चंद्रपुर जिले में एव नागपुर शहर से तक़रीबन 150 किमी की दूरी पर स्थित है। यह राष्ट्रीय उद्यान में वन्य जीवों एव वनस्पतियों की विभिन्न दुर्लभ प्रजातिया भी देखने को मिलती है।

ताडोबा नेशनल पार्क का स्थापना वर्ष 1955 हुई है। और इसे भारत के सर्वश्रेष्ठ संरक्षित टाइगर रिजर्व में से एक कहा जाता है। ताडोबा क्षेत्र के 116.54 वर्ग किमी के क्षेत्र स्थापित किया गया है।

ताडोबा नेशनल पार्क में 88 बाघों के साथ बार्किंग हिरण, चीतल, भारतीय तेंदुए, स्लॉथ भालू, नीलगाय, ढोले, धारीदार हाइना, जंगली बिल्लियाँ, गौर, छोटे भारतीय केवेट, हिरण और सांभर जैसे कई स्तनधारियों का निवास स्थान है। पूरा स्थान वन जंगल से भरा हुआ है। अगर आप यहां जंगली जानवरों को भी देखना चाहते है, तो आपको मगरमच्छ और कई अन्य तरह के जंगली जानवर यहां देखने को मिल जायेंगे। वन्यजीव अभयारण्य में  तितलियों की तक़रीबन 74 एव पक्षियों की 195 प्रजातियां हैं, इसी के साथ यहां दलदली मगरमच्छ और कई तरह के अलग -अलग सरीसृपों भी दिखाई देते है। यह स्थल महाराष्ट्र के ताडोबा राष्ट्रीय उद्यान को बहुत आकर्षक बनाते है। जानवरों को खोजने के लिए पार्क में यह स्थान सबसे अच्छा है। आप सफारी से यहाँ जा सकते है। यह सफारी के लिहाज़ से एक आदर्श ओर प्रसिद्ध स्थानों में से  एक है। यह पूरा स्थान वन जंगल से भरा है।

ताडोबा नेशनल पार्क में पर्यटक को घूमने के लिए सुबह में 10.00 बजे से शाम 6.00 बजे तक पार्क खुला रहता है।
ताडोबा नेशनल पार्क घूमने का सबसे अच्छा समय :– अक्टूबर से मार्च महीने तक बारिश एव सर्दियों के मौसम में बारिश के कारण पार्क का जंगल बहुत ही लाजवाब दिखाई देता है। क्योकि उस समय आपको  बाघों सहित अलग अलग तरह के जानवर धूप सेकते हुए मिल जायेंगे ।

Exit mobile version