मनोरंजनयात्रा

थाईलैंड के पुराने बौद्ध मठ

थाईलैंड की राजधानी बैकांक के चाओ फराया नदी के पश्चिम तट पर स्थित पुराने बौद्ध मठ है। इस मंदिर का नाम हिन्दू देवता अरुण के नाम पर है, जो सूर्य के सारथी हैं। ये बैंकॉक में सबसे आश्चर्यजनक बौद्ध मठों में शामिल है। इसकी डिजाइन आपको अन्य मंदिरों और मठों से बहुत अलग देखने को मिलेगी। वाट अरुण को वाट चेंग के रूप में भी जाना जाता है। इसकी खासियत ये है कि ये पानी के ऊपर खड़ा हुआ है।

चोरला घाट: गोवा-कर्नाटक सीमा पर प्रकृति की अनुपम खूबसूरती

शाम को सूरज ढलते वक्त इसे देखना बड़ा ही सुखद होता है। ये मंदिर सुबह 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक खुलता है।

फ्लाइट से थाईलैंड कैसे पहुंचे?

भारत के कई प्रमुख शहरों से थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के लिए कई सारे फ्लाइटे सीधी उड़ाने हैं। बैंकॉक के प्रमुख दो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा डॉन मुआंग अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा और सुवर्णभूमि हवाई अड्डा के लिए भारत के कुछ प्रमुख शहरों से फ्लाइट उड़ान है। आपको तकरीबन 3 -5 घंटे के समय अंतराल के उपरांत बैंकॉक में स्थित सुवर्णभूमि हवाई अड्डा पर फ्लाइट उतार देंगी। बैंकॉक और सुवर्णभूमि हवाई अड्डा की बीच की दूरी मात्र 30 किलोमीटर है।

वागातोर बीच, हनीमून पर आने वाले लोगों के लिए एक बेहतरीन जगह है।

सड़क मार्ग से थाईलैंड कैसे पहुंचे?

भारत-म्यांमार थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग के माध्यम से थाईलैंड भारत से सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। भारत से यह सड़क यात्रा मणिपुर से शुरू होते हुए थाईलैंड में माई सॉट तक जाती हैं। थाईलैंड के स्थानीय परिवहन में टुक टुक, टैक्सी, बस, स्काई ट्रेन, मेट्रो, ट्रेन आदि का नाम शामिल है। थाईलैंड में घूमने के लिए अधिकतर लोगों द्वारा स्थानीय परिवहन टुक टुक है।

खींवसर गाँव, राजस्थान: एक सामरिक प्राचीनता का अद्वितीय संगम

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button