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प्रकृति के लाख अंग कौन सा अंग देखोगे-सिक्किम

सिक्किम में प्रकृति का प्रकोप आया जैसे कह रही हो हुस्न के लाख रंग कौन सा अंग देखोगे , और प्रकृति ने अपने प्रकोप का अंग दिखा दिया तीन-चार अक्टूबर की दरमियानी रात में दक्षिण ल्होनक झील पर बादल फट गया था जिससे तीस्ता नदी बेसिन में बाढ़ आ गई। इस घटना में 21 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 22 सैन्य कर्मियों समेत 102 लोग लापता हो गए। बुरदांग इलाके से लापता हुए सेना के 23 जवानों में से सात के शव निचले इलाकों के विभिन्न हिस्सों से बरामद कर लिए गए हैं। जबकि एक को बचा लिया गया। 15 लापता जवानों की तलाश जारी है। इस घटना से चुंगथंग बांध भी टूट गया जो सिक्किम में सबसे बड़ी ताप विद्युत परियोजना है। साउथ ल्होनक ग्लेशियल लेक उत्तरी सिक्किम के मंगन जिले के चुंगथांग के ऊपर 17,100 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इस झील की गहराई करीब 260 फीट है। यह 1.98 KM लंबी है। जिसकी वजह से निचले इलाकों में बसे शहरों और गांवों में बाढ़ आ गई। बाढ़ से राज्य में 13 पुल बह गए, जिसमें अकेले मंगन जिले के आठ पुल शामिल हैं। गंगटोक में तीन और नामची में दो पुल बह गए। २ बाढ़ की वजह से सिंग्तम, मंगन, नामची और गैंगटोक में 277 मकान लापता हो गए हैं। सिक्किम सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। ये नंबर हैं-  03592-2028892, 03592-202892, 03592-202892. भारतीय सेना ने भी अपनी तरह से दो नंबर जारी किए हैं. ये हैं- 8750887741 और 8756991895.

कुछ दिन पहले भूकंप आया था जिसका केंद्र बिंन्दु नेपाल था इस पर वैज्ञानिकों का मत है कि नेपाल के भूकंप और सिक्किम के GLOF यानी ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड को जोड़ा नहीं जा सकता. लेकिन हम इसके संबंधों की जांचकर रहे हैं. क्योंकि सिर्फ बादल फटने से इतनी बड़ी घटना नहीं हो सकती. अगर आप ISRO द्वारा जारी तस्वीरों को देखिए तो आपको पता चल रहा है कि 17सितंबर 2023 को झील करीब 162.7 हेक्टेयर क्षेत्रफल की थी. 28 सितंबर 2023 को बढ़कर 167.4 हेक्टेयर इलाके में फैल गई. 04 अक्टूबर को इसका क्षेत्रफल सिर्फ ६०.३० हो गया क्योकि झील का बहुत बड़ा हिस्सा टूटकर खत्म हो चुका है.

सेना की त्रिशक्ति कॉर्प्स के जवान लोगों लोगों को दवाएं और रसद और गर्म कपड़े पहुंचा रहे हैं. क्योंकि चुंगथांग, लाचुंग और लाचेन में सैकड़ों पर्यटक और स्थानीय लोग फंसे हुए हैं. . पूर्वी सैन्य कमांड के ब्रह्मास्त्र कॉर्प्स के जवानों ने अब तक 250 लोगों को रेस्क.किया है. उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है. उन्हें खाना-पानी, दवाएं और बिस्तर मुहैया करवाया गया है. सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके हैं चुंगथांग, मंगन,लोगों को बचाना मुश्किल हो रहा है क्योंकि वहां पर लगातार कीचड़ गिरने की आशंका बनी हैं. सड़के बची नहीं हैं. संचार प्रणाली ठप पड़ी है.करीब 22 हजार लोग अब भी इस आपदा से प्रभावित हैं. भारतीय सेना और एनडीआरफ के जवान लोगों को बचाने में लगे हुए हैं. सिक्किम में करीब 700-800 ड्राइवर्स फंसे हुए हैं. इसके अलावा 3150 लोग जो बाइक से वहां घूमने गए थे, वो भी फंसे हुए हैं. सेना और वायुसेना के हेलिकॉप्टरोंसे इन लोगों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है. अब तक 2011 लोगों को बचाया जा चुका है.

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