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राजकुमार घोड़े पर क्यों आता है , गधे या हाथी पर क्यों नहीं

शादी में दूल्हा घोड़ी पर ही क्यों बैठता है , घोड़े पर क्यों नहीं या हाथी पर बैठेगा, घोड़ा है सफ़ेद ही क्यों और किसी रंग का क्यों नहीं। आइये बताये।

घोड़े पर बैठने का मतलब लड़के की काबिलियत को जानना और परखना होता था । रानिया पहले जीती जाती थी और युद्ध घोड़े पर चढ़कर होते थे दूसरा यदि आप सफेद घोड़ी पर बैठकर शादी में आते हैं तो यह रॉयल् एंट्री करने का स्टाइल मात्र भर मानते हैं,शादी के लिए शक्ति नहीं बल्कि समर्पण की आवश्यकता होती है।

घोड़े पर नहीं घोड़ी पर क्यों तो घोड़ा अधिक गुस्सैल स्वभाव का होता है। बिना प्रशिक्षण के इसे काबू में रख पाना बहुत मुश्किल है। इसकी तेज ऊर्जा के कारण युद्ध भूमि में दुश्मनों से लड़ने के लिए इसका इस्तेमाल पुराने समय से होते आया है। घोड़ी चढ़ने का मतलब होता है कि लड़का अपने नए जीवन को शुरू करने के लिए तैयार है। ऐसे में वह अपने वैवाहिक जीवन की बागडोर को अच्छी तरह से संभालने का सामर्थ्य रखता है कि नहीं इसे साबित करने के लिए दूल्हे को घोड़ी पर बैठना पड़ता है।

सफेद घोड़ी को शुद्धता, व्यावहारिकता, प्रेम, फर्टिलिटी, उदारता, सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक समझा जाता है। इसलिए जब लड़का शादी करके अपने नई जिंदगी की शुरुआत करने जाता है, तो वह सफेद घोड़ी पर बैठता है।

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