नहीं करना होगा आरटी-पीसीआर टेस्ट अगर....

RTPCR test

देश में आरटी-पीसीआर कोविद परीक्षणों की अनुपलब्धता को काम करने के प्रयास, केंद्र ने बदले कई नियम 

 

दिल्ली मई 5 : कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का सामा करते भारत में ऑक्सीजन और दवाओं के साथ साथ अब आरटी-पीसीआर परीक्षणों की भी कमी महसूस के जा रही है। केंद्र सरकार ने कहा है कि देश में 2,506 प्रयोगशालाएं तेजी से संक्रमण के कारण काफी दबाव में काम कर रही हैं।

 

कोरोना वायरस के मामलों के बीच डायग्नोस्टिक लैब पर दबाव को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने देश के कोरोनावायरस-परीक्षण नियमों को संशोधित किया है। नए नियमों के अनुसार किसी भी "स्वस्थ" अंतरराज्यीय यात्री और स्वस्थ हो चुके कोविद रोगियों का अस्पतालों से छुट्टी मिलते वक्त आरटी-पीसीआर परीक्षण नहीं किया जाना चाहिए। 

 

केंद्र ने राज्यों को एक पत्र में कहा, "अंतर-राज्य घरेलू यात्रा करने वाले स्वस्थ व्यक्तियों में आरटी-पीसीआर परीक्षण की आवश्यकता को पूरी तरह से हटाया जा सकता है।" अस्पताल में छुट्टी के समय कोविड -19 से स्वस्थ हो चुके व्यक्तियों के लिए कोई परीक्षण आवश्यक नहीं है।

 

केंद्र ने कहा कि जिन लोगों का एक बार सकारात्मक परीक्षण हो गया है - चाहे एंटीजन या आरटी-पीसीआर द्वारा, उनका फिर से परीक्षण नहीं किया जाना चाहिए।

 

सरकार ने राज्यों को लिखे पत्र में ये भी कहा कि कोविद लक्षणों वाले लोगों की गैर-जरूरी यात्रा से बचना चाहिए ताकि संक्रमण के जोखिम को कम किया जा सके। आवश्यक यात्रा करने वाले सभी यात्रियों को कोविद-उपयुक्त व्यवहार का पालन करना चाहिए।

 

भारत में पिछले एक हफ्ते में हर रोज़ 3 लाख से अधिक कोरोनोवायरस के मामलों की पुष्टि की गई है। मंगलवार को, देश में 3.35 लाख नए मामले और 24 घंटे में 3,449 मौतें दर्ज की गई। इस बीच देश में चिकित्सा देखभाल और ऑक्सीजन सहायता के अभाव में अस्पतालों के बदतर हालात से देश में हर तरफ डर का माहौल है। 

 

दुनिया के कई देश इस दौरान भारत को लगातार मदद भेज रहे है। ऐसे में राज्यों से आरटी-पीसीआर परीक्षणों की कमी और परीक्षा परिणाम में देरी के कई मामले सामने आये जिसके बाद केंद्र ने कोरोना संक्रमण के नियमों में बदलाव किया है।

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