चूहे को ब्रिटेन की एक संस्था ने दिया गोल्ड मेडल

Medhaj News 26 Sep 20 , 10:29:32 World Viewed : 2240 Times
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जीव-जंतुओं या जानवरों की बहादुरी के किस्से अक्सर सुनने और देखने को मिलते हैं | ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां अफ्रीकी नस्ल के एक विशाल चूहे को ब्रिटेन की एक संस्था ने बहादुरी के लिए गोल्ड मेडल से सम्मानित किया है | द गार्जियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मगावा नाम के विशाल चूहे ने कंबोडिया में अपने सूंघने की क्षमता से 39 बारूदी सुरंगों का पता लगाया था | अपने काम के दौरान इस चूहे ने 28 जिंदा विस्फोटकों का भी पता लगाकर हजारों लोगों की जान बचाई है | इस पुरस्कार को जीतने वाला पहला चूहा है | मगावा सात साल का है | रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को ब्रिटेन की एक चैरिटी संस्था पीडीएसए ने इस चूहे को सम्मानित किया | मागावा ने दक्षिण पूर्व एशियाई देश कंबोडिया में 15 लाख वर्ग फीट के इलाके को बारूदी सुरंगों से मुक्त बनाने में मदद की | यह बारूदी सुरंगें 1970 और 1980 के दशक की थीं जब कंबोडिया में बर्बर गृह युद्ध छिड़ा था | 

दरअसल, कंबोडिया 1970 से 1980 के दशक में भयंकर गृह युद्ध से प्रभावित रहा है | इस दौरान दुश्मनों को मारने के लिए बड़े पैमाने पर बारूदी सुरंगे बिछाई गईं थी | लेकिन, गृहयुद्ध के खत्म होने के बाद ये सुरंगे अब यहां के आम लोगों की जान ले रही हैं | बता दें कि, चूहों को सिखाया जाता है कि विस्फोटकों में कैसे रासायनिक तत्वों को पता लगाना है और बेकार पड़ी धातु को अनदेखा करना है | इसका मतलब है कि वे जल्दी से बारूदी सुरंगों का पता लगा सकते हैं | एक बार उन्हें विस्फोटक मिल जाए, तो फिर वे अपने इंसानी साथियों को उसके बारे में सचेत कर देते हैं | मालूम हो कि ब्रिटिश चैरिटी पीडीएसए एक ऐसी संस्था है जो हर साल बेहतरीन काम करने वाले जानवरों को पुरस्कृत करती है | इस संस्था के 77 साल के लंबे इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी चूहे ने इस तरह का पुरस्कार जीता है | 


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