पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर बढ़ा अत्याचार, अपहरण के बाद इस्लाम कबूल करने की धमकी

Medhaj News 29 Dec 20 , 17:24:05 World Viewed : 1131 Times
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नेहा को चर्च में बजने वाले भजन बेहद पसंद थे। लेकिन पिछले साल इन्हें गाने का अवसर उससे छीन लिया गया,जब महज 14 साल की उम्र में पहले जबरन उसका धर्म ईसाई से बदलकर इस्लाम कर दिया गया और उससे दोगुने उम्र के बच्चों के पिता 45 वर्षीय शख्स से निकाह करा दिया गया। वह इतनी मंद आवाज में अपनी कहानी कहती है कि कई बार शब्द सुनाई नहीं देते। नेहा का पति कम उम्र की लड़की से शादी और रेप के आरोपों की वजह से जेल में है। लेकिन उसके भाई के पास से कोर्ट में पिस्टल बरामद होने के बाद से नेहा काफी डरी हुई और छिपकर रह रही है। 

नेहा ने कहा, ''वह मुझे गोली मारने के लिए गन लाया था। सुरक्षा की दृष्टि से नेहा के सरनेम का यहां जिक्र नहीं किया जा रहा है। नेहा उन 1000 धार्मिक अल्पसंख्यकों में शामिल है, जिन्हें हर साल पाकिस्तान में इस्लाम ग्रहण करने पर मजबूर कर दिया जाता है। अधिकतर मामलों में ऐसा कम उम्र की लड़कियों से मर्जी के खिलाफ निकाह के लिए किया जाता है। 

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान इस तरह के अपराधों में तेजी आ गई है, क्योंकि लड़कियां स्कूल से बाहर और लोगों की नजरों में हैं। लड़कियों की तस्करी करने वाले इंटरनेट पर अधिक एक्टिव हैं और गरीब परिवार कर्ज में डूब चुके हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इस महीने पाकिस्तान को धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर गंभीर चिंता वाले देशों की श्रेणी में रखा है। हालांकि, पाकिस्तान ने इसे खारिज किया है। 


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