आर्मीनिया और अजरबैजान के बीच पिछले 14 दिनों से जारी युद्ध समाप्त

Medhaj News 10 Oct 20 , 19:33:51 World Viewed : 1065 Times
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आर्मीनिया और अजरबैजान के बीच पिछले 14 दिनों से जारी युद्ध रूसी हस्तक्षेप के बाद नागोरनो-काराबाख में शनिवार दोपहर से संघर्षविराम लागू करने पर सहमत हो गए। नागोरनो-काराबाख क्षेत्र में 27 सितंबर को दोनों देशों के बीच संघर्ष शुरू हुआ था। यह क्षेत्र अजरबैजान के तहत आता है लेकिन इस पर स्थानीय आर्मीनियाई बलों का नियंत्रण है। यह 1994 में खत्म हुए युद्ध के बाद इस इलाके में सबसे गंभीर संघर्ष है।  इस संघर्ष में अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। आर्मीनिया और अजरबैजान के विदेश मंत्रियों ने एक बयान में कहा कि संघर्षविराम का मकसद कैदियों की अदला-बदली करना तथा शवों को लेना है। इसमें कहा गया है कि अन्य बातों पर सहमति बाद में बनेगी। संघर्षविराम लागू होने के कुछ ही मिनटों बाद दोनों देशों ने संघर्षविराम के उल्लंघन का एक दूसरे पर आरोप लगाया। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

इस घोषणा से पहले मास्को में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की देखरेख में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच 10 घंटे तक वार्ता हुई थी। लावरोव ने कहा कि यह संघर्षविराम विवाद निपटाने के लिए वार्ता का मार्ग प्रशस्त करेगा। आर्मीनिया और अजरबैजान के विदेश मंत्रियों के बीच यह वार्ता रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निमंत्रण पर हुई थी। रूस के विदेश मंत्री ने यह बयान पढ़ा। यदि यह संघर्षविराम जारी रहता है, तो यह रूस का बड़ा राजनयिक कदम साबित होगा। रूस का आर्मीनिया के साथ सुरक्षा करार है और अजरबैजान के साथ भी उसके अच्छे संबंध है। ताजा संघर्ष के बाद से आर्मीनिया संघर्ष विराम के लिए तैयार था, जबकि अजरबैजान ने कहा था कि यह तभी संभव होगा, जब आर्मीनिया के बल नागोरनो काराबाख से पीछे हट जाए। नागोरनो-काराबाख सेना के अनुसार, 27 सितंबर से उसके 404 कर्मी मारे जा चुके हैं। अजरबैजान ने अपने सैन्य नुकसान की जानकारी नहीं दी है। दोनों ओर के सैकड़ों आम नागरिक भी इस दौरान मारे गए हैं। संघर्ष विराम लागू होने के कुछ ही देर बात आर्मीनिया की सेना ने उसके कापान कस्बे के निकट इलाके में गोलेबारी का अजरबैजान पर आरोप लगाया, जिसमें एक नागरिक की मौत हो गई। अजरबैजान के रक्षा मंत्रालय ने इन दावों को खारिज कर दिया। दूसरी ओर, अजरबैजान की सेना ने आर्मीनिया पर उसके टेर्टर और अदगाम क्षेत्रों में मिसाइलों से हमले का आरोप लगाया। आर्मीनिया के रक्षा मंत्रालय ने इसे खारिज कर दिया।



 


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    Comments

    • Good decision.. Pray to God that both country will be safe

      Commented by :Aatma Ram
      10-10-2020 22:48:47

    • good decision

      Commented by :Shaban
      10-10-2020 21:26:47

    • Ok

      Commented by :Aslam
      10-10-2020 19:44:24

    • Ok

      Commented by :Aslam
      10-10-2020 19:44:16

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